नेशनल हाइवे पर चल रहा किसानों का धरना 37वें दिन भी जारी रहा। इसके अलावा 24 घंटे की क्रमिक भूख हड़ताल पर जारी है। शुक्रवार को इसमें उड़ीसा, मध्यप्रदेश व पलवल जिले के 11 किसान बैठे। शुक्रवार को किसान विकास मंच अकोला महाराष्ट्र से लगभग 250 किसानों का जत्था धरना स्थल पर पहुंचा। इसमें 50 महिला किसान भी शामिल हैं। किसानों का कहना है कि जब तक तीनों नए कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लिया जाता व एमएसपी पर कानून नहीं बन जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि संभावना व्यक्त की जा रही है कि सरकार व किसानों के बीच जो वार्ता होनी है उसमें जरूर कोई निष्कर्ष निकलेगा। लेकिन अभी तक सरकार की मंशा साफ नहीं है। उसकी बयानबाजी से ऐसा प्रतीत होता है कि वह इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रही है और किसानों की पीड़ा को समझने का सरकार प्रयास नहीं कर रही है। उन्होंने कहा निरंतर आंदोलन जारी है और स्वतंत्र भारत का यह पहला आंदोलन है जो इतना लंबा चल रहा है।
इसमें आंदोलनकारियों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने 7 जनवरी के ट्रैक्टर रिहर्सल पर कहा कि यह तो ट्रायल था फिल्म तो 26 जनवरी को दिखेगी। ट्रायल में जब भारी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर रैली में भाग लिया तो गणतंत्र दिवस की परेड में कितने ट्रैक्टर पहुंच सकते हैं।
इसका अंदाजा शायद सरकार को नहीं है। महाराष्ट्र के किसान अविनाश देशमुख ने कहा कि उनके जत्थे में 50 महिला किसान भी हैं। उनका उद्देश्य है कि किसान आंदोलन के माध्यम से जो कृषि कानून किसानों के खिलाफ बनाए गए हैं उन्हें तोड़ दिया जाए। पूर्व जैसी स्थिति देश में होनी चाहिए। उन्होंने कहा वे सभी किसान हैं और किसानों के परिवार से हैं। इससे उन्हें मालूम है कि इन कानूनों से उन्हें क्या नुकसान है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/38wUjUZ
via IFTTT
Comments
Post a Comment