प्रदेश के सीएम मनोहर लाल शुक्रवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 14 समस्याओं का मौके पर समाधान किया। मामले की सुनवाई करते हुए सीएम ने केएमपी एक्सप्रेस-वे के पास फरूखनगर से खेरपुर रोड पर अवैध रूप से चल रहे हाॅट मिक्स प्लांट के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। सीएम को बताया गया कि इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहले भी हाॅटमिक्स प्लांट को सील किया था लेकिन उसे सील तोड़कर दोबारा चलाने की शिकायत प्राप्त हुई है।
न्यू काॅलोनी में नगर निगम द्वारा निर्माणाधीन भवन की सील तोड़कर दोबारा निर्माण शुरू करने का मामला पुनः सीएम के समक्ष रखा गया, जिसमें बताया गया कि संबंधित मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके निर्माणकर्ता को अवैध निर्माण एक सप्ताह के अंदर अंदर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि वह ऐसा नही करता है तो नगर निगम द्वारा अवैध निर्माणकर्ता के खर्चें पर उस निर्माण को हटा दिया जाएगा। इसी प्रकार, गांव बजघेड़ा में आरओबी के साथ निगम की जमीन पर अवैध रूप से बंगाली डाॅक्टर आदि की दुकानें खोलने के मामले में सीएम ने उस जमीन को भी अवैध अतिक्रमण से मुक्त करवाने के आदेश दिए।
निगम अधिकारियों ने बताया कि अभी अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों को एक सप्ताह का नोटिस दिया गया है जिसकी सुनवाई के बाद कार्रवाही कर दी जाएगी। रेलवे अधिकारियों द्वारा राजेन्द्रा पार्क और रेलवे लाइन के बीच बने 20 फुट चैड़े रोड़ के कुछ हिस्से पर दीवार बनाने के मामले में सीएम ने निर्देश दिए कि दोनो पक्षों का फैसला होने तक दीवार का निर्माण नही किया जाए।
भू-मालिकों को पुर्नस्थापित करने मामले सीएम करेंगे कैलकुलेशन
बैठक में एक अन्य शिकायत का निपटारा करते हुए मुख्यमंत्री ने 5 गांवों- गाड़ौली खुर्द, हरसरू, महोम्मदपुर, खांडसा, नरसिंहपुर की जमीन हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम द्वारा 2006 में एसईजेड के लिए एक्वायर करने के बाद विस्थापित हुए भू-मालिकों को पुर्नस्थापित करने के मामले में कहा कि इसका पूरा विवरण उन्हें दें और वे खुद कैलकुलेशन करके देखेंगे।
यदि विस्थापितों को प्लाॅट अलाॅट करने के लिए भरी जाने वाली राशि कम- ज्यादा हुई तो बता देंगे। उसके बाद, अलाॅटी चाहें तो उस फैसले को मान लें या फिर न्यायालय से इस मामले को हल करवा लें। एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने बताया कि प्लाॅट अलाॅट करने के लिए विस्थापितों से आवेदन मांगे गए थे, जिनमें से 552 व्यक्ति पात्रता पूरी कर रहे थे और उनसे कुल लागत की 10 प्रतिशत राशि भरने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने अलाॅटमेंट के रेट के खिलाफ उच्च न्यायालय में रिट दायर कर दी।
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