सुप्रीम काेर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि वह भ्रष्टाचार के मामलों में आजीवन कारावास की सजा देने के लिए कानून बनाने का निर्देश संसद काे नहीं दे सकता है, क्याेंकि हर रिश्वत लेने वाले के लिए हमेशा एक रिश्वत देने वाला हाेता है। जस्टिस संजय किशन कौल, दिनेश माहेश्वरी और हृषिकेश राॅय की खंडपीठ ने वकील अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
याचिका में भ्रष्टाचार के मामलों में “बेनामी’ संपत्तियों और अनुपातहीन संपत्ति को जब्त करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। जस्टिस काैल ने कहा, “व्यक्तिगत रूप से मुझे लगता है, हमें समाज में अपनी सोच बदलनी चाहिए। पैसे लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पीछे, धन देने वाला व्यक्ति हाेता है।’ पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता न्यायपालिका से सभी भूमिका िनभाने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3ncmFbT
via IFTTT
Comments
Post a Comment