कोरोना से बचाने के लिए एक महंत तपती धूप में जलती आग के धूनों के बीचों-बीच बैठकर तपस्या कर रहे हैं। उनकी यह तपस्या 41 दिनों तक चलेगी, तपस्या के समय वे किसी से बात भी नहीं करते। प्रहलादपुर गांव के प्राचीन शिव मंदिर के महंत श्री श्री 108 श्री बालिक दास महाराज के शिष्य पंडित श्याम ने बताया कि महंत अपने चारों तरफ गाय के गोबर से बने उपलों के चारों तरफ ढेर लगाकर उनमें आग लगाकर सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक बैठकर तपस्या करते है। यह तपस्या 41 दिनों तक रोजाना चलेगी।
सोमवार को तपस्या स्थल पर मंदिर के महंत बाबा बालिक दास महाराज ने 21 जगह 21-21 उपलों की ढेरी बनाई और उनमें अग्नि प्रज्वलित कर उसके बीच में बैठकर तप करना शुरू कर दिया। इससे पूर्व बाबा छह बार अग्नि तपस्या कर चुके हैं, यह सातवीं अग्नि तपस्या है।
बाबा की तपस्या में ग्रामीण दे रहे योग्दान
प्रहलादपुर ही नहीं अपितु आसपास के अन्य गांवों के प्राचीन शिव मंदिर के भक्तों को जैसे ही बाबा की तपस्या के बारे में पता चला तो वे बाबा के दर्शन के लिए मंदिर पर पहुंचने शुरू हो गए। लेकिन इस दौरान सोशल डिस्टेंस व मास्क का सभी भक्त प्रयोग कर रहे है। भक्तों का विश्वास है की उनके बाबा की तपस्या खाली नहीं जाएगी। देश व प्रदेश को इस भयंकर महामारी से जल्द ही निजात मिल जाएगी।
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