दिल्ली सरकार लॉक डाउन की वजह से फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य भेजने ट्रेन का यात्रा खर्च उठाएगी। सरकार ने मूल प्रदेश से दिल्ली में फंसे मजदूरों को वापस ले जाने के लिए कोई रिस्पासं न मिलने पर निर्णय लिया है। सरकार की तरफ से जानकारी दी गई कि दिल्ली से अपने मूल प्रदेश जाने के इच्छुक प्रवासियों की सूचना सभी प्रदेशों को दे दी है। अभी तक कई राज्यों की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने बताया कि शुक्रवार को लॉकडाउन में फंसे बिहार के करीब 1200 श्रमिकों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लेकर विशेष ट्रेन मुजफ्फरपुर बिहार के लिए रवाना हो गई। शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने बिहार के रहने वाले करीब 1200 प्रवासियों को नई दिल्ली रेलवे जंक्शन से रवाना किया है।
पहले चरण में सरकार ने रैन बसेरों में रह रहे प्रवासियों को घर भेज रही है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बिहार के लिए दोपहर 3 बजे ट्रेन रवाना हुई। इससे पहले दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर स्थित रैन बसेरों में रहने वाले प्रवासियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए सरकार की तरफ से पुख्ता और सुरक्षित इंतजाम किए गए थे। रैन बसेरों में रहने वाले प्रवासियों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया। सभी प्रवासियों का गुरुवार को मेडिकल और स्क्रीनिंग कराया गया था। जिस के बाद उनको मेडिकल सर्टिफिकेट, टिकट और रास्ते में दो बार खाने के पैकेट दिए गए। इससे पहले दोपहर में सभी लोगों को लंच कराया गया। दो बार खाने के लिए सभी लोगों को खाने के पैकेट दिए गए। साथ ही उन्हें बिस्किट व केला समेत ड्राई फ्रूट्स भी दिए गए। प्रत्येक व्यक्ति को रास्ते के लिए पानी की दो बोतल भी दी गई है।
स्पेशल श्रमिक ट्रेन में 24 कोच और हर कोच में करीब 50 यात्रियों को बिठाया गया
ट्रेन में 24 कोच हैं और हर कोच में करीब 50 यात्री हैं। वायरस को फैलने से रोकने के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन करने में रेलगाड़ी करीब आधे घंटे देर से चली। स्टेशन पर अधिकारियों व पुलिस ने सुनिश्चित किया कि यात्री सोशल डिस्टंेस का कड़ाई से पालन करें। प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए आरपीएफ के 350 कर्मी, राज्य सरकार के 100 कर्मचारी व रेलवे के 200 कर्मचारी एक-दूसरे से समन्वय कर रहे हैं।
संबंधित प्रदेश को देना है यात्रा खर्च
केंद्र सरकार के नियमानुसार प्रवासी जिस प्रदेश के रहने वाले हैं, उस राज्य सरकार को ट्रेन यात्रा का खर्च उठाना है। दिल्ली सरकार ने घर जाने के इच्छुक प्रवासियों की सूची तैयार करके संबंधित राज्यों को अवगत भी करा दिया है। अभी तक कई राज्यों ने कोई जवाब नहीं दिया है। इसलिए अब इच्छुक प्रवासियों के ट्रेन यात्रा का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।
सोशल डिस्टेसिंग का रखा ख्याल
सरकार की तरफ से प्रवासी मजदूरों को रेलवे स्टेशन लाने के लिए डीटीसी बस लगाई गई। एक बस में 12 लोगों को बैठाया गया। यहां पर भी उनकी थर्मल स्कैनिंग की गई। साथ ही सभी को यात्रा के दौरान और आगे भी कोरोना से बचने के उपाए जैसे सोशल डिस्टेसिंग का पालन, मुंह ढक कर रखने और साबुन से हाथ धोने के लिए कहा गया।
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