(धर्मेंद्र डागर) दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने शुक्रवार को तीसरे दिन भी बॉयज लॉकर रूम, इंस्टाग्राम के 5 सदस्यों से पूछताछ की है। इनमें से एक नोएडा तथा चार साउथ दिल्ली के बड़े स्कूलों के छात्र हैं। पूछताछ में छात्रों का कहना है कि शुरुआत में ग्रुप माैज-मस्ती के लिए बनाया गया था। यह ग्रुप चार छात्रोंने शुरू किया था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें अन्य छात्र भी जुुड़ते चले गए। पूछताछ में यह भी सामाने आया है कि किसी छात्रा की भावना व जिंदगी से खेलने का कोई मकसद नहीं था। लेकिन बाद में इस ग्रुप में 8 से 9 ऐसे छात्र जुड़ गए थे जो अश्लील फोटो डालने व आपत्तिजनक हरकतें करने लगे थे। किसी एक की गलती से यह ग्रुप की चैट वायरल हो गई और यह चर्चा में आ गया।
पुलिस ने अब तक ग्रुप के छात्रों के पास से 15 मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए हैं। पुलिस ने उन्हें जांच के लिए भेज दिया है। छात्रों से पूछताछ के बाद पुलिस अब उनके परिजनों से पूछताछ करेगी और यह जानने का प्रयास करेगी कि उनके परिज न को बच्चों की हरकत की जानकारी थी भी या नहीं। यदि पता था तो उस पर एक्शन क्यों नहीं लिया गया। दिल्ली पुलिस के एडिशनल पीआरओ अनिल मित्तल के मुताबिक पुलिस ने ग्रुप और उसके सदस्यों के बारे में इंस्टाग्राम से जानकारी मांगी है। अभी जवाब का इंतजार किया जा रहा है। ग्रुप के सदस्यों के पास से मोबाइल व उपकरण जब्त कर लिए गए हैं, उन्हें फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है।
क्या है बॉयज लॉकर रूम: सोशल मीडिया पर बनाया छात्रों का एक ग्रुप है
बॉयज लॉकर रूम सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर बनाया गया छात्रों का एक ग्रुप है। शुरू में इस ग्रुप को चार छात्रों ने मिलकर शुरू किया था। बाद में इसमें बढ़ते-बढ़ते 27 सदस्य तक पहुंच गए। ग्रुप के सदस्यों में नोएडा, गुड़गांव तथा साउथ दिल्ली के छात्र शामिल थे। अधिकतर छात्र साउथ दिल्ली के बड़े-बडे़ स्कूलों के हैं और ज्यादा नाबालिग हैं। इनमें से कई ऐसे सदस्य थे जो ग्रुप एडमिन के बारे में ज्यादा कुछ जानते नहीं थे। यहां तक कि उन्हें उसका नाम तक नहीं पता था। कुछ ने तो इस ग्रुप पर अपना निक नेम तक दिया हुआ था। इनमें से कुछ ऐसे छात्र थे जो ग्रुप में अश्लील छात्रों की फोटो डालते, फिर उस पर ग्रुप चर्चा करते थे। एक बार किसी छात्र ने ग्रुप की चैटिंग वायरल कर दी और यह ग्रुप चर्चा में आ गया।
4 अप्रैल को बॉयज लाॅकर ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई
वायरल होने के बाद साउथ दिल्ली के एक शख्स ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने छानबीन के बाद 4 अप्रैल को बॉयज लाॅकर ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद सोमवार को ग्रुप के 15 साल से सदस्य को पकड़ा था। मंगलवार को ग्रुप के पांच सदस्यों से पूछताछ की थी। फिलहाल पुलिस 22 से अधिक ग्रुप के सदस्यों से पूछताछ कर चुकी है।
ग्रुप बनाकर फन के लिए अश्लील चैट करना गलत: डॉ सारिका
मेंटल हेल्थ संंभ्राति सेंटर की डायरेक्टर साइकॉलोजिस्ट डॉक्टर सारिका बोरा का कहना है कि ग्रुप बनाकर अश्लील बातें करने वाले छात्रों के बैकग्राउंड के बारे में जाने बिना ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन जो भी हो ग्रुप में लड़कियों की गंदी फोटो व अश्लील बातें सामने आ रही हैं। उसके आधार पर कहा जा सकता है यह पूरी तरह से गलत है। यह भी एक तरह का क्राइम है। इस तरह के ग्रुप में एक छात्र के मन में कोई विचार आया। बिना ब्रेक के विचार पर ग्रुप में डिस्कशन शुरू हो गया और फिर वायरल कर दिया। यह एक तरह का क्राइम है। दूसरी तरफ कोई विचार आया, उस पर कुछ ब्रेक लगा फिर वह विचार चला गया। वहां क्राइम रुक गया। परिजन और स्कूल टीचर को ऐसे बच्चों पर नजर रखनी चाहिए, जिससे बच्चे ऐसी हरकतें व क्राइम करने से रुक सकें।
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