मुंबई. आर्थिक संकट से जूझ रहे यस बैंक के डायरेक्टर राणा कपूर के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार रात को छापा मारा। बैंक के संस्थापक कपूर के खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज किया है। ई़डी की टीम मुंबई के समुद्र महल टॉवर स्थित कपूर के घर पहुंची। देर रात तक राणा के घर पर छान-बीन जारी रही। रिजर्व बैंक ने बैंक के हालात देखते हुए खाताधारकों को 50 हजार रुपए तक ही निकालने की इजाजत दी है। साथ ही बैंक के बोर्ड का कंट्रोल 30 दिन के लिए अपने हाथ में ले लिया है।
यस बैंक की इस हालत का जिम्मेदार इसके फाउंडर, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राणा कपूर को ही माना जा रहा है। उन पर कारोबारी घरानों को लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय करने का आरोप है। कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने निजी संबंधों के आधार पर लोन बांटे। बैंक अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कारोबारी घरानों को लोन देने में आगे रहा। इन कारोबारी समूहों के डिफॉल्टर साबित होने से बैंक को करारा झटका लगा। 2017 में बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था। जिसके बाद आरबीआई ने बैंक पर लगाम कसना शुरू किया। 2018 में आरबीआई ने राणा कपूर के ऊपर कर्ज और बैलेंस शीट में गड़बड़ी के आरोप लगाए। साथ ही, उन्हें चेयरमैन के पद से जबरन हटा दिया। बैंक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी चेयरमैन को इस तरह से हटाया गया हो।
एक समय देश के सफलतम बैंकर्स में शामिल थे कपूर
यस बैंक के डायरेक्टर राणा कपूर 9 सितंबर, 1957 को दिल्ली में जन्मे थे। एक समय वे देश के सफलतम बैंकर्स की लिस्ट में शामिल थे। पढ़ाई के दौरान उन्हें ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) की तरफ से मानद फेलोशिप, रटगर्स यूनिवर्सिटी न्यू जर्सी से प्रेसिडेंट मेडल और जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर से मानद फेलोशिप मिल चुकी है। उनके परिवार में पत्नी बिंदू कपूर और तीन बेटियां राधा, राखी और रोशनी हैं।
तिरुपति बालाजी ट्रस्ट ने बैंक से 1300 करोड़ निकाले
तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रबंधन देखने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने बताया कि उसने पिछले साल अक्टूबर में ही यस बैंक से 1300 करोड़ रुपए निकाल लिए थे। उधर, जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपए बैंक में अभी भी डिपॉजिट हैं। यह टर्म डिपॉजिट था, जो इसी महीने मेच्योर होना है। इस बीच, आरबीआई ने 3 अप्रैल तक यस बैंक से 50 हजार से ज्यादा विड्रॉल पर रोक लगा दी है। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर के डिपॉजिट की निकासी पर संशय खड़ा हो गया है। संकट में फंसे बैंक को ग्राहकों में भी चिंता है। बैंक की शाखाओं और एटीएम पर शुक्रवार को लंबी कतारें देखने को मिलीं। मुंबई में तो एटीएम के सामने पुलिस भी लगानी पड़ी।
वित्त मंत्री ने कहा- सभी खाताधारकों का पैसा सुरक्षित
इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यस बैंक को बचाने के लिए सरकार और आरबीआई साथ काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने हर खाताधारक को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और वे लगातार आरबीआई के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बैंक के लिए जल्द ही रिजोल्यूशन प्लान लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई से बात करेंगी कि यस बैंक के जमाकर्ताओं को नकदी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
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