ज्यादा समाजसेवा कर सकें, इसलिए गेट्स ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स छोड़ा; 6 साल तक बोर्ड के चेयरमैन रहे

वॉशिंगटन. माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापकबिल गेट्स (64) नेबोर्ड ऑफ डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वे माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला के साथ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करते रहेंगे। यह जानकारी कंपनी ने शुक्रवार देर रात को दी। इसके मुताबिक, दुनिया के दूसरे सबसे अमीर बिल गेट्स अब वैश्विक स्तर पर सामाजिक काम करना चाहते हैं। वे स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु परिवर्तन पर काम करेंगे।

इस्तीफे के बाद गेट्स ने कहा, ‘‘माइक्रोसॉफ्ट हमेशा मेरे जीवन का अहम हिस्सा रहेगा। मुझे दोनों कंपनियों पर गर्व है। आगे की चुनौतियों के लिए भी सकारात्मक तौर पर तैयार हूं।’’

गेट्स 2014 से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के चेयरमैनथे

गेट्स ने 1975 में पॉल एलन के साथ मिलकर यह कंपनी बनाई थी। वे साल 2000 तक कंपनी के सीईओ रहे थे। 2008 में उन्होंने जनकल्याण के लिए संस्था बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की स्थापना की थी। उन्होंने 2018 में संस्था को करीब 355 करोड़ रुपए दान दिए थे। गेट्स 2014 से माइक्रोसॉफ्ट में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर पद पर कार्यरत थे।

गेट्स के साथ आगे भी काम करना चाहूंगा: नडेला

नडेला ने कहा, ‘‘बिल गेट्स के साथ काम करना गौरव की बात है। उन्होंने सॉफ्टवेयर के जरिए लोगों को सहूलियत देने के उद्देश्य से कंपनी की स्थापना की थी। माइक्रोसॉफ्ट इसी लक्ष्य के साथ काम करता रहेगा। गेट्स की सलाह का फायदा आगे भी कंपनी उठाती रहेगी और उनकी तकनीकी सलाह भी मिलती रहेगी। मैं बिल की मित्रता के लिए आभारी हूं और आगे भी लोगों की भलाई के लिए उनके साथ काम करना चाहूंगा।’’



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बिल गेट्स 2014 से माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। -फाइल


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